गुरुवार, 10 सितंबर 2009

ताऊ अस्पताल में

कल ताऊ पेंशन लेन गया था और आयके दारू के ठेके पे बैठ गया लुन्गाडा के साथ,ताई मनभरी उसने ढूंडती फिरे थी। ताऊ उसने सामने ठेके बठ्या दिख गया फेर के पूछना था। ताई ने उसकी रेल बना दी। किसी तरियां ताऊ घर पूंचा,
ताई ने उसकी चंगी खातिर दारी करी ।
कोई रात के ११ बजे थे ,ताऊ के रोला (चिल्लाना) की आवाज आई ,ताऊ बोल्ले कोई बचाओ रे , मर गया ,मैं तो मर गया, सारे मुहल्ले ने सर पे धर लिया ।
ताई भाजी भाजी मेरे धोरे आई "चाल रे भाई रमलू तेरे ताऊ के पता नही के हो गया। वो रोला घालन लाग रह्या सै.में तावला उठ के चाल पड्या। ताई बोली भाई डाकदर नै जल्दी बुला के ला.म्हारे गाम में एक आर.एम्.पी डाकदर रह्या करता। मै उसने बुला के लाया देखते डाकदर बोल्या - ताऊ की बीमारी तो मेरे समझ में नही आती आपको ये पेशेंट रोहतक ले जाना पडेगा। इसके पेट में दर्द है, मै दर्द की गोली दे देता हूँ। दर्द कुछ कम हो जाएगा।
रात के १२/३० हो गए थे, में भाज के गाड़ी ढूंढ़ने लगा ,मणि राम के धोरे एक जुगाड़ पा गया ,हम रात नै ताऊ नै जुगाड़ में गेर के रोहतक पी.गी.आई लेके गए .सुबेरे-सुबेरे हमने जुगाड़ आपात कालीन चिकित्सा के बोर्ड के सामने लगाया , स्टेचर लेके दो धोले कपड़े आले आए ,वे ताऊ ने उसमे गेर के भीतर वार्ड में लेगे, आगे के होया वो सुन ल्यो
एक कोट पहरे डाकदर आया आते ही ताऊ ते बोल्या
डाकदर- ताऊ मुंह खोल
ताऊ- डाकदर के मुंह में बड़ के बीमारी देखेगा।
डाकदर- ताऊ यो बता तेरे तकलीफ के सै।
ताऊ - तूं ऐ बता
डाकदर ताऊ के वार्तालाप ते परेशान हो गया। उसने पेड पे ताऊ की जाँच लिख दी
डाकदर- मेने ये जाँच लिख दी है पहले पथोलोजी में खून पेशाब की जाँच करवा के लेके आओ
हम ताऊ नै पेथोलोजी में लेके गए वहां एक सोणी सी नर्स थी ।
ताऊ बोल्या - यार रामलू बड़ी आच्छी जगह लेके आया,कुछ खुसबू सी आ रही सै।
नर्स सारी बात सुने थी । वो बोलली - डट जा बूढे तेरे सारी खुसबू तो मै इब्बे काढू सूं
उसने एक बड़ा सुइया काढा और ताऊ के हाथ की नस से निकालने लगी, ताऊ चिल्लाया -के सारा ही खून निकलेगी। राम-राम करके ताऊ ने खून दिया ,
हम उसने लेके फेर वर्ड में आ गये, डाकदर साहब आए, बोल्ले -ताऊ के पेट में घनी प्रोबलम सै, इसकी इंडोस्कोपी भी करनी पड़ेगी। इसका हिमोग्लोबिन भी कम सै खून भी चढाना पड़ेगा। खून की व्यवस्था करो, हमने पूछ्या -डाकदर साब ताऊ के बीमारी के सै। डाकदर साब बोले जरा मै ताऊ ते ही बात कर लूँ।
डाकदर- हाँ ताऊ ! के दारू पीते हो,
ताऊ- कदे- कदे,
डाकदर- कितने साल से पी रहे हो
ताऊ- पहले फौज में पीते थे इब भी पी लेते है।
मै बोल्या डाकदर साब बात यो है। के ताऊ ने शोले फिलम देखी थी ,तभी से अपने आप को बीरू समझ लिया ये समझ लो जी "होश सँभालते ही पैरों पे खड़े हो लिए।
ताऊ बिरच गया। तमने शराबी ही समझ लिया?
हमने ताऊ नै मनाया।
एक नर्स खून की बोतल लेके आई , खून चढाने के लिए। ताऊ लंबा सुइया देख के डर गया
ताऊ- ये सुइया किसके लगावेगी,
मै बोल्या-आपके
ताऊ -इस खून की बोतल का के करेगी ।
मै बोल्या -आपके नस में सुइया लगा के चढावेगी,
ताऊ-बिना चढाये काम नही चलेगा? अरे भाई रमलू एक काम कर यो खून की थैली मन्ने फाड़ के ही पिला दे , इस तरियां भी पेट में जानी है। और उस तरियां भी पेट में जानी है पण यो सुइया मै कोणी लगवाता,
मेने ताऊ को भतेरा समझाया पण वो उत मान्या ही कोणी
तब तक डाकदर आ गया भाई ताऊ ने ले चलो इंडोस्कोपी करनी सै
ताऊ- यो के हो सै
डाकदर - इब चाल के ही देख लिए,आगे समझ में आ जा गा
कोम्पौडर आके ताऊ नै भीतर लेगे। भीतर जा के ताऊ नै बड़ी बड़ी मशीन देखी और जोर ताई चिल्लाया
मन्ने कड़े लिआए , आपरेशन कोणी कराना.डाकदर बोल्या ताऊ आपरेशन कोणी सिर्फ़ तेरे बिमारी चेक करनी है।
ताऊ को बेड पे लिटा के डाकदर ने एक सांप जैसा सटील का निकला ।
ताऊ बोल्या - यो के सै,
डाकदर -इस ते तेरी बीमारी का चेक करना है।
ताऊ-किस तरियां करेगा
डाकदर-यो आपके पेट में डाल अन्दर बीमारी देखेंगे
ताऊ सोच्या के इब तो एक झूठ के कारन मरना ही पडेगा ताऊ ने जुगत लगे बचने की।
ताऊ- डाकदर साब मन्ने पेशाब आ रही सै। आपका यो जुगाड़ मुंह ते अन्दर जाएगा और निचे ते आपकी चादर और मेरी धोती दोनों ख़राब हो जायेगी
डाकदर -जाओ जल्दी बाथरूम करके आओ।
ताऊ बाथरूम के अन्दर गया और धोती के सहारे खिड़की ते उतर के भज लिया।
काफी देर तक ताऊ पेशाब करके नही आया तो डाकदर ने दरवाजा तुड़वाया। बाथरूम खाली पड़ा था
ताऊ गायब थे ,उसकी धोती खिड़की से लटक रही थी।
हम ताऊ ने ढूंढ़ने निकले ,ढूंढ़ते -ढूंढ़ते गाम तक पहुँच गए , तो देख्या के ताऊ दारू के ठेके पे ही बठ्या सै।
और देशी का अध्दा खोल राख्या सै। अरे ताऊ यो के करण लग रह्या सै,
ताऊ-अरे रमलू पेट की बीमारी ठीक करू सूं .पेट के कीडे इस्ते ही मरेंगे। मरने पेट के कीडे थे वो डाकदर मन्ने ही मारण की तयारी कर रह्या था।बीमारी वीमारी कुछ न थी वो तो ताई और मेरा झगडा हो गया था। आजा तू भी दो पैग मार ले। रात का जाग्या हुआ सै।

अब आगे ताऊ की कहानी चालु रहेगी .अभी हरियाने में चुनाव है। और ताऊ लड़ने की तयारी कर रहा है। रमलू ताऊ के साथ है। वो आपको पल-पल की ख़बर पहुंचाएगा ।

आपको ये पोस्ट कैसी लगी अपना आशीर्वाद देना ।
आपका
रमलू लुहार।

(फोटो गूगल से साभार)

2 टिप्‍पणियां:

ravikumarswarnkar ने कहा…

अच्छा है...
ताऊ जी तो घणी उछलकूद करै छै...

संजय तिवारी ’संजू’ ने कहा…

लेखनी प्रभावित करती है.

 

फ़ौजी ताऊ की फ़ौज