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बुधवार, 30 सितंबर 2009

फौजी ताऊ मनफूल सिंग के इलेक्सन परचार में उड़न तस्तरी -रमलू नै दी खबर

ताऊ और सारे कार्यकर्ता सूबे से ही अपणे काम में लग लिए, कोई अपनी मोटर सायकिल ते तो कोई,अपणी सायकिल ते ही आ रह्या सै ताऊ के प्रचार में, ताऊ सबने काम बाँट रह्या था किसने किधर जाणा सै, रमलू आज मिनी सचिवालय गया सै ताऊ का प्रतिनिधि बण के,वहां पे चुनाव चिन्ह मिलेंगे,रामेषर ने ते कह्या-ताऊ राम-राम ,ताऊ बोल्या राम-राम भाई राम-राम, बनवारी नहीं दिखाता कड़े चला गया सुसरा ,रामेषर बोल्या,बनवारी तो भैंसा नै सानी ही डाल रह्या सै..ताऊ ने आवाज लगाई - अरे बनवारी के भैंसा नै भी साथ ले जा गा प्रचार में, सुसरे तन्ने तीन घंटे हो गए सान्नी गेरते ने, इब्बे आया ताऊ- बनवारी बोल्या, थोडी देर बाद रमलू भी आ गया, ताऊ ने पूछ्या- के निशान मिल्या सै? रमलू बोल्या - कप प्लेट मिल्या सै, ताऊ बोल्या - यार यो तो बहुत ही अच्छा निशान सै हर घर में पावे सै, शिम्भू बोल्या- हाँ ताऊ निशान तो बढ़िया मिल्या सै, फेर एकाध ने बिल्ले - विल्ले छ्पवान भेज दे. रमलू बोल्या - ताऊ परचार सामग्री की चिंता कोणी परमानद जी नै कह दिया सै के कल ते पहुच जायेगी, तम अपणा परचार चालू रखो, यो सब काम मेरे पे छोड़ दो, रामेषर बोल्या- चालो भाई एक तो समस्या हल हुयी,ताऊ बोल्या-रमलू कल का दौरे का प्रोग्राम बना लिया, हाँ ताऊ सब तेयार सै, कल आपां सेक्टर वाले एरिये में चलेगे, वहां सब जगह एक -एक सभा ले लेगे, एक सभा डी.एल.ऍफ़. में ले लेंगे, डुंडा हेडा, उद्योग विहार, बस टेंड, महरोली रोड के गोल चक्कर पे, मै आज रात नै, सारी कहानी फिट करूँ सूं, बनवारी बोल्या -ताऊ कल अपने पतरकार वार्ता में कही थी के कोई बाहर बिदेश ते भी आवेगा चुनाव परचार के लिए,?ताऊ  बोल्या-हाँ भाई आवेगा, कल ही मेरे धोरे उसकी मेल आई सै,रामेसर बोल्या -तो ताऊ के नाम से इसका ? ताऊ बोल्या-अरे भाई उसने उड़न तश्तरी कहवे सै, शिम्भू बोल्या -ताऊ यो नाम तो बहुत सुणयोड़ा सै, ये जो आकाश मै उड़ती फिरे है उसने ही कहवे सै, तो ताऊ फेर ये परचार किस तरियां करेगी, के इसके भी हाथ मुह हो सै? अरे-अरे रुक जा बावली बूच-ताऊ बोल्या-यो भी तो उस तरियां उड़न वाला ही सै, पर यो अपणा ही देशी छोरा सै,इसका नाम समीर लाल सै, लोग इसने इंटरनेट की किताब के नाम ते जाने सै,यो इन्टर नेट में रोज लिखे सै,बिदेश में रहे सै, जब आणा हो तो उड़ के ही आता है, भोत बड़ा आदमी है, गरीबों के लिए कुछ करने की इसके मन में ललक है, कविता -कहानी -किस्से खूब लिखे सै, मै तो सुन्या सै के इसने किताब भी लिखी सै, मन्ने तो इस ते एक बार कही थी कहते मान गया, बोल्या "ताऊ लड़ ले इलेक्शन जब मेरी जरुरत पड़े बुला लियो, ओर तो राम-राम भी कही सै, सारे गाम वाला ते,रामेषर बोया-यो तो ताऊ भोत अच्छी बात सै, आपने सारी बता दी, तो मै भी उड़न तस्तरी ही समझू था, तो फेर पोस्टर छपवाओ ओर परचार चालू करो २ तारीख नै बापू वाली जयेंती पे गाम में उड़न तस्तरी की आम सभा की तैयारी  करो -ताऊ बोल्या, यो ले ताऊ इब ते ही तैयारी चालू होयगी- अरी ताई २ तारीख ने उड़न तस्तरी की आम सभा सै,यो बिदेश ते आवेगी, अपनी सारी बुड्ढी सहेलियों नै बता देना शिम्भू बोल्या, यो ले या भी ठीक रही तुने प्रचार म्हारे घर ते चालू कर दिया, रमलू बोल्या - ताऊ सभा की तो परमिशन लेनी पड़ेगी, तो तू परमिशन ले ओर हम आम सभा की तैयारी सुरु करे सै- ताऊ बोल्या, चालो भाई अपणे -अपणे काम ते लगो,काम ज्यादा सै और बखत कम सै-रामेषर बोल्या, बनवारी धीरे सै बोल्या-ताऊ एक बोतल रम की ही दे दे सारे दो-दो घूंट ले लेंगे-हाथ पैरां में बडा दर्द सै, नहीं तो फेर इस तरियां म्हारे ते काम होगा नहीं, ताऊ बोल्या जा चुपचाप रमलू धोरे ले ओर रोला मत ना करियो, अपणे चुपचाप घूंट मारो ओर काम पे लग जाओ कोई शिकायत नहीं आणि चाहिए नहीं तो सुसरो मन्ने बदनाम करवाओगे, रमलू दे दिए रे ताऊ बोल्या, अब उड़न तस्तरी आणे वाली सै काम पे लग जाओ, अरे यो रिटायर फौजी ताऊ मनफूल सिंग का  इलेकसन सै, किसी नत्थू खैरे का नही, रमलू बनवारी लोगो नै बोतल देन गया सै, चालो यार आपां भी दो चार पैग मार के तबियत हरी करें, 

आपका 
रमलू लुहार   

फोटो गूगल से साभार

दारू चलनी चाहिए-यो म्हारे जैसे बुड्ढों के टैम-टैम पे काम आवे सै-फौजी ताऊ मनफूल सिंग पत्रकार वार्ता में

ताऊ की चौपाल में आज ताऊ के इलेक्शन की पहली प्रेस वार्ता सै, ताऊ नै पूरा इंतजाम करवा दिया और चौपाल पे बहुत सारी खाट लगाव दी,जिसमे आने वाले पत्रकार और मेहमान- कार्यकर्ता बैठेंगे, रमलू ताऊ नै पत्रकार वार्ता की बारीकी सिखाने लग रहा सै, किस सवाल का जवाब देना सै, किसका जवाब टाल देना सै, बिदेशी पत्रकार भी आ रहे सै, वो भी ताऊ का अनोखा इलेक्शन देखना चावे सै, उनके लिए भी ताऊ नै ब्रेड बिस्कुट का इंतजाम कर राख्या सै। 

आच्छी तगडी भीड़ इकट्ठी हो रही सै, पूरा गाम ही इकट्ठा हो रह्या सै, ताई भी अपनी सहेलियों को लेकर तैयार है, सारे पत्रकार टी.वी. चैनल वाले अपनी -अपनी गाड़ियों में पहुच रहे है, ये देश का पहली पत्रकार वार्ता है, जो खुले में पूरे गाम की जनता के बीच हो रही सै, बनवारी,रामेसर,शिम्भू,झोट्टा, पाडा सारे ही आने वालों की खातिर में लग रहे सै, चालो भाई पत्रकारों का कैमरा विमर सब सेट हो गया सै, पत्रकार वार्ता चालू होने वाली है, ताई भी घूँघट निकाल के ताऊ के बगल में आके बैठ गई, रमलू सारा मसोदा ले के ताऊ के पीछे बैठा सै।  

इब पत्रकार वार्ता चालू हो रही सै,ताऊ ने माईक संभल लिया ओर बोल्या-भईयों आपने सबने मेरा राम-राम, मेरे इलेक्शन में खडे होणे का मतबल यो सै के जो गरीब मजदूर,कारीगर, लोग सै उनकी सुनने वाला कोई नहीं सै, कोई भी पार्टी इनने टिकिट नहीं देती,लेकिन वोट जरुर लेती है, मै इलेक्शन में इसलिए खडा हुआ के पैसे वाले लोग गरीब लोगों के वोट का बेजा इस्तेमाल करते है,,मै भी कारीगर समाज से ही हूँ, मन्ने पता सै के इनकी तकलीफ के सै, इनकी तकलीफ दूर कारने के लिए मै पुरजोर परयास करूँगा, आप मन्ने अपना वोट दे के एक बर जितवा बस दो फेर सारा काम-दुःख तकलीफ मेरे पे छोड़ दो, आज तक आपके हमेशा काम आया सूं, और इब भी काम आऊंगा, मै आपके सामने दोनों हाथ जोड़ के अपनी उम्मीदवारी घोषित करता हूँ, यो आपका ताऊ सै जो किसी के भी दबाव मै नहीं आणे वाला, आप मन्ने अपणा वोट दे के चुनाव जिताओ, भाई गाम वाले सरे शांत बैठेंगे, कोई रोला नहीं करेगा, हाँ भाई पत्रकार लोगो आप अपने सवाल इब पूछ सकते हो पूछो,

टाईम्स ऑफ़ इंडिया का पत्रकार बोल्या- ताऊ मनफूल सिंग जी आप ये बताओ के आपने रास्ट्रीय सहारा पार्टी से ही अपनी उम्मीदवारी क्यों की? आपने और भी दूसरी बड़ी पार्टी टिकट दे रही थी?
ताऊ बोल्या-देखो देस के भीतर अनेक राजनैतिक पार्टिया है, लेकिन उन सबका टिकिट देने का आधार प्रत्याशी की आर्थिक स्थिति ओर पार्टी को चंदा कितना दे रहया होता है, हमारी पार्टी में उन सभी लोगों को टिकट दिया है जिनके खान-दान में किसी ने विधान सभा का मुह नही देखा है, हमारी पार्टी में आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सताए हुए लोगो नै परमुख स्थान दिया सै, इस पार्टी में वो लोग सै जो एक दिन की दिहाडी के लिये कमरतोड़  मेहनत करते है, चाहे वो कोई भी जात-धर्म -संप्रदाय का है, पर सबके काम करने के औजार तो एक ही है ना, इस पार्टी में भाई भतीजावाद नहीं सै और हमारे पार्टी के परधान परमानन्द जी नै घोषणा कर दी है के वे कभी भी इलेक्शन नहीं लडेंगे और भाई भतीजा वाद को कभी पार्टी में नहीं होणे देंगे, पार्टी हमेशा काबिल लोगों को ही टिकट देगी, तो इस लिए मैंने रा.सा.पा में आके इलेक्शन लड़ने की सोची।

आपको पार्टी के पास विकास की क्या योजना है -पंजाब केशरी के पत्रकार ने पूछा,

ताऊ बोल्या-  म्हारी योजना यो है जी के हम अपने विधान सभा के सभी गावों को शहर की सारी सुविधा उपलब्ध कराएँगे, कानून बेवस्था में सुधर लायेंगे, खरगोश को बन्दर बनाने वाली पुलिस के ढांचे में सुधार करेंगे, गावों में ही रोजगार के साधन मुहईया करवाएंगे, एक आम नागरिक की बेहतरी के लिए सारे काम करेंगे. मै कोई नेता तो हूँ नहीं-ना ही मेरे खान-दान में कोई था इसलिए झूठे आश्वासन तो में दूंगा नहीं, जितने के बाद करके दिखाऊंगा।

हरिभूमि ने पूछा-ताऊ आपको इलेक्शन लड़ने के लिए पैसे कहाँ से मिल रहे है?

ताऊ बोल्या- सच बोलूं !! पर्चे बेनर तो पार्टी की तरफ से है, गाड्डी-घोडे का इंतजाम ये सारे  यार- दोस्तों -रिश्तेदारों ने किया सै, और हाथ खर्च के लिए ताई नै अपने गुल्लक ते निकाल के दिए सै।

तो ताऊ दारू बंदी के बारे में आपकी क्या राय है? गाम के छोरे दारू पी के बिगड़ रहे है,

ताऊ- भाई !! दारू बंदी के बारे में तो मेरे राय ठीक सै, दारू चलनी चाहिए वो म्हारे जैसे बुड्ढों के टैम -टैम पे काम आवे सै, ओर अगर फौजी धोरे दारु का कोटा ही ना तो सारा मामला गड-बड,इस लिए ये तो चलनी चाहिए,ओर छोरों को इसे नहीं  पीनी चाहिए,

हिंदुस्तान टाईम्स - ताऊ ! आपके परचार के लिए बाहर से कोण- कोण से स्टार आ रहे  हैं ,सभी पार्टियाँ तो बड़े बड़े फिलम स्टार को बुला रही है, आपक किसको बुला रहे है,

ताऊ- भाई म्हारे  प्रचार में तो वो ही आवेगा जिसके दिल में गरीब मजदूरों के लिए दर्द है, म्हारे धोरे भी बड़े -बड़े स्टार सै, देश ओर विदेशों से भी म्हारे परचार में हस्तियां आ रही सै,

जी.टी.वी.-तो ताऊ कोण -कोण आ रहा है जरा नाम का खुलासा तो करो,

ताऊ - जिनकी मंजूरी  आई  है उसमे सबसे पहले कनाडा से उड़न तस्तरी, सूरत से लाफ्टर शो विनर अलबेला खत्री, भिलाई से  बी.एस. पावला, अभनपुर से ललित शर्मा, दुर्ग से संजीव तिवारी ओर रायपुर से अनिल पुसदकर की मंजूरी आणि बची  है, उम्मीद है वो भी आ जावेगा,  तो  भाई इब हो गया यो प्रेस कान्फरेंस इब ख़तम करो, और पत्रकार साथियों खाने का इंतजाम है, आप भोजन का आनंद ले के जाणा, रमलू जल्दी तैयारी करवा, कल चुनाव का निशान भी लेने जाणा है। 


आपका 
रमलू लुहार

फोटो गूगल से साभार 

मंगलवार, 29 सितंबर 2009

दारू चलनी चाहिए वो म्हारे जैसे बुड्ढों के टैम -टैम पे काम आवे सै-फौजी ताऊ मनफूल सिंग

ताऊ की चौपाल में आज ताऊ के इलेक्शन की पहली प्रेस वार्ता सै, ताऊ नै पूरा इंतजाम करवा दिया और चौपाल पे बहुत सारी खाट लगाव दी,जिसमे आने वाले पत्रकार और मेहमान- कार्यकर्ता बैठेंगे, रमलू ताऊ नै पत्रकार वार्ता की बारीकी सिखाने लग रहा सै,किस सवाल का जवाब देना सै,किसका जवाब टाल देना सै, बिदेशी पत्रकार भी आ रहे सै, वो भी ताऊ का अनोखा इलेक्शन देखना चावे सै, उनके लिए भी ताऊ नै ब्रेड बिस्कुट का इंतजाम कर राख्या सै, आच्छी तगडी भीड़ इकट्ठी हो रही सै, पूरा गाम ही इकट्ठा हो रह्या सै, ताई भी अपनी सहेलियों को लेकर तैयार है, सारे पत्रकार टी.वी. चैनल वाले अपनी -अपनी गाड़ियों में पहुच रहे है, ये देश का पहली पत्रकार वार्ता है, जो खुले में पुरे गाम की जनता के बीच हो रही सै, बनवारी,रामेसर,शिम्भू,झोट्टा, पाडा सारे ही आने वालों की खातिर में लग रहे सै, चालो भाई पत्रकारों का कैमरा विमर सब सेट हो गया सै, पत्रकार वार्ता चालू होने वाली है, ताई भी घूँघट निकाल के ताऊ के बगल में आके बैठ गई,रमलू सारा मसोदा ले के ताऊ के पीछे बैठा सै, इब पत्रकार वार्ता चालू हो रही सै,ताऊ ने माईक संभल लिया ओर बोल्या-भईयों आपने सबने मेरा राम-राम, मेरे इलेक्शन में खडे होणे का मतबल यो सै के जो गरीब मजदूर,कारीगर, लोग सै उनकी सुनने वाला कोई नहीं सै, कोई भी पार्टी इनने टिकिट नहीं देती,लेकिन वोट जरुर लेती है, मै इलेक्शन में इसलिए खडा हुआ के पैसे वाले लोग गरीब लोगों के वोट का बेजा इस्तेमाल करते है,,मै भी कारीगर समाज से ही हूँ, मन्ने पता सै के इनकी तकलीफ के सै, इनकी तकलीफ दूर कारने के लिए मै पुरजोर परयास करूँगा,आप मन्ने अपना वोट दे के एक बर  जितवा बस दो फेर सारा काम-दुःख तकलीफ मेरे पे छोड़ दो,आज तक आपके हमेशा काम आया सूं,और इब भी काम आऊंगा, मै आके सामने दोनों हाथ जोड़ के अपनी उम्मीदवारी घोषित करता हु, यो आपका ताऊ सै जो किसी के भी दबाव मै नहीं आणे वाला, आप मन्ने अपणा वोट दे के चुनाव जिताओ, भाई गाम वाले सरे शांत बैठेंगे, कोई रोला नहीं करेगा, हाँ भाई पत्रकार लोगो आप अपने सवाल इब पूछ सकते हो पूछो,
टाईम्स ऑफ़ इंडिया का पत्रकार बोल्या- ताऊ मनफूल सिंग जी आप ये बताओ के आपने रास्ट्रीय सहारा पार्टी से ही अपनी उम्मीदवारी क्यों की? आपने और भी दूसरी बड़ी पार्टी टिकट दे रही थी?
ताऊ बोल्या-देखो देस के भीतर अनेक राजनैतिक पार्टिया है, लेकिन उन सबका टिकिट देने का आधार प्रत्याशी की आर्थिक स्थिति ओर पार्टी को चंदा कितना दे रहया होता है, हमारी पार्टी में उन सभी लोगों को टिकट दिया है जिनके खान-दान में किसी ने विधान सभा का मुह नही देखा है, हमारी पार्टी में आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सताए हुए लोगो नै परमुख स्थान दिया सै, इस पार्टी में वो लोग सै जो एक दिन की दिहाडी के लीये कमरतोड़  मेहनत करते है,चाहे वो कोई भी जात-धर्म -संप्रदाय का है, पर सबके काम कारने के औजार तो एक ही है ना,इस पार्टी में भाई भतीजावाद नहीं सै,और हमारे पार्टी के परधान परमानन्द जी नै घोषणा कर दी है के वे कभी भी इलेक्शन नहीं लडेंगे और भाई भतीजा वाद को कभी पार्टी में नहीं होणे देंगे, पार्टी हमेशा काबिल लोगों को ही टिकट देगी, तो इस लिए मैंने रा.सा.पा में आके इलेक्शन लड़ने की सोची ,
आपको पार्टी के पास विकास की क्या योजना है -पंजाब केशरी के पत्रकार ने पूछा,
ताऊ बोल्या-  म्हारी योजना यो है जी के हम अपने विधान सभा के सभी गावों को शहर की सारी सुविधा उपलब्ध कराएँगे, कानून बेवस्था में सुधर लायेंगे, खरगोश को बन्दर बनाने वाली पुलिस के ढांचे में सुधार करेंगे, गावों में ही रोजगार के साधन मुहईया करवाएंगे, एक आम नागरिक की बेहतरी के लिए सारे काम करेंगे. मै कोई नेता तो हूँ नहीं-ना ही मेरे खान-दान में कोई था इसलिए झूठे आश्वासन तो में दूंगा नहीं, जितने के बाद करके दिखाऊंगा,
हरिभूमि ने पूछा-ताऊ आपको इलेक्शन लड़ने के लिए पैसे कहाँ से मिल रहे है?
ताऊ बोल्या- सच बोलूं !! पर्चे बेनर तो पार्टी की तरफ से है, गाड्डी-घोडे का इंतजाम ये सारे  यार- दोस्तों -रिश्तेदारों ने किया सै, और हाथ खर्च के लिए ताई नै अपने गुल्लक ते निकाल के दिए सै,
तो ताऊ दारू बंदी के बारे में आपकी क्या राय है? गाम के छोरे दारू पी के बिगड़ रहे है,
ताऊ- भाई !! दारू बंदी के बारे में तो मेरे राय ठीक सै, दारू चलनी चाहिए वो म्हारे जैसे बुड्ढों के टैम -टैम पे काम आवे सै, ओर अगर फौजी धोरे दारु का कोटा ही ना तो सारा मामला गड-बड,इस लिए ये तो चलनी चाहिए,ओर छोरों को इसे नहीं  पीनी चाहिए,
हिंदुस्तान टाईम्स - ताऊ ! आपके परचार के लिए बाहर से कोण- कोण से स्टार आ रहे  हैं ,सभी पार्टियाँ तो बड़े बड़े फिलम स्टार को बुला रही है, आपक किसको बुला रहे है,
ताऊ- भाई म्हारे  प्रचार में तो वो ही आवेगा जिसके दिल में गरीब मजदूरों के लिए दर्द है, म्हारे धोरे भी बड़े -बड़े स्टार सै, देश ओर विदेशों से भी म्हारे परचार में हस्तियां आ रही सै,
जी.टी.वी.-तो ताऊ कोण -कोण आ रहा है जरा नाम का खुलासा तो करो,
ताऊ - जिनकी मंजूरी  आई  है उसमे सबसे पहले कनाडा से उड़न तस्तरी, सूरत से लाफ्टर शो विनर अलबेला खत्री, भिलाई से  बी.एस. पावला, अभनपुर से ललित शर्मा, दुर्ग से संजीव तिवारी ओर रायपुर से अनिल पुसदकर की मंजूरी आणि बची  है, उम्मीद है वो भी आ जावेगा,  तो  भाई इब हो गया यो प्रेस कान्फरेंस इब ख़तम करो, और पत्रकार साथियों खाने का इंतजाम है, आप भोजन का आनंद ले के जाणा, रमलू जल्दी तैयारी करवा, कल चुनाव का निशान भी लेने जाणा है, 


आपका 
रमलू लुहार

फोटो गूगल से साभार 





रविवार, 27 सितंबर 2009

जब मै पर्चा दाखिल कर रह्या सूं,तो इलेक्शन तो लडूंगा ही-फौजी ताऊ मनफूल सिंग

रमलू लुहार आज सारे काम जल्दी-जल्दी निपटाने लग रहा था,क्योंकि आज ताऊ को पर्चा भरना है,५ दिन से तैयारी चल रही थी,इलेक्शन में खडा होना कोई मामूली बात तो नहीं है, दो दिन तक तो पावला जी का जनम दिन मनाया कैंटीन की असली दारू थी, बूढों को जयादा चढ़ गई, रामेसर और बनवारी तो दो दिन खाट से ही नहीं उठे, बनवारी के दस्त लग गे,उसके दारू गर्मी कर गयी, इब कर गई तो कर गई, सारे के सारे ही बडे से बड़े उत सै,ताऊ तो पहले ही कह रहा था के कम चढाओ पण मान्य ही कोई नहीं, वो कह्या करे ना "चाहे जूते पडो हजार तमाशा घुस के देखेंगे" यो ही हाल इन बूढों का सै,इब इसमें फंस गया रमलू पूरी तैयारी रमलू नै ही करनी पड़ी,हरियाणे का इलेक्शन सै,वो भी गुडगावं विधान सभा सीट का बड़ा मुस्किल काम सै,एक ते एक पैसे वाले लोगो को पार्टियों अपने टिकट दिए हैं,यो अपनी सहारा पार्टी तो गरीबों की पार्टी सै,धन बल का मुकाबला जन बल ते ही हो सके है, तो ताऊ नै अपणे सारे सगे सम्बन्धी-रिश्तेदार-यार-मित्तर नै कह दिया के,कल पर्चा भरण जाणा सै,अपनी अपनी सवारी लेके आ जाईयो, सूबे ते ही सारे आण लग रहे सै, गावं की सीमा में ताऊ नै पूरी छोलों की बेवस्था करवा दी है, गोवर्धन हलवाई नै बैठा दिया,सबको खिलाओ,कोई भूखा नहीं जाणा चाहिए,फालतू कोई खाली पेट चक्कर खा के पडेगा ओर बदनामी ताऊ की होगी, रमलू नै सारा इंतजाम कर लिया पहले ते ही,वो गुरु सुलेमान के अखाडे के ४० पहलवान किराये में कर के आ गया था वो पहुच गए,अखाडे के पहलवानों की सेवा म्हारे यहाँ सारी पार्टियाँ लेती है,कईयों के तो खुद के ही अखाडे है,गाम के छोरे घर ते दूध पी के आ यही जोर लगते है, ३ ट्रेक्टर कर दिए, साउंड सिस्टम लगा दिया, बेनर ओर पोस्टर परमानन्द जी ने भिजवा दिए ओर दारू अपणे कोटे की ताऊ केंटिन ते लेके ही आ गया था, हरियाणे में फोजियों की नफरी ज्यादा है, हर गांव में ५० तो रिटायर फोजी मिल ही जायेंगे,ताऊ नै रिटायर फोजियों की एसोसिअशन से भी कह दिया था पूरी एसोसिएसन ताऊ के समर्थन में है,फोजियों की समस्या है,अगर एक फौजी विधायक बन जायेगा तो चलो अपना फौजी तो सै कुछ तो काम करेगा, यो कह के सारे फौजी भी अपणे साथ सै, ताई नै भी अपनी सारी भायली एकठी कर रखी है,सूबे ते ही घाघरी गोटेदार चमकाए कड़ी है, पूछ रही सै बर-बर में कब चालना सै? ताऊ भी अपनी डरेश लगा के तैयार सै, सर पे पगड़ी फौजी बुसशर्ट और निचे पतलून एक दम नोसे (दूल्हा) सा लग रह्या सै, रमलू नै पर्चा तैयार कर राख्या सै, ताऊ ने यो मिनी सचिवालय में जा के भरना सै, अरे चालो रे !!!!!!!! चालो टैम हो लिया इब चाल भी पडो फेर टैम निकल जायेगा, बनवारी नै जोर लगाया, रामेषर बोल्या - अरे धीरे जोर सुसरे कल तो तेरे दस्त लाग रहे थे, कड़े धोती ही ख़राब करेगा, बनवारी चुप हो गया, रामेषर नै तो साले नै मुफ्त की चौधर चाहिए,खुद तो कुछ करेगा नहीं और दुसरे नै भी नहीं करण देगा,शुम्भु बोल्या, चालो -चालो टैम मत ना लगाओ ताऊ बोल्या,
इब ताऊ का लश्कर निकल पड़या पर्चा दाखिल करण के लिए,भाई रेली की शान देखते ही बणे थी,सबते आगे ताऊ और ताई ट्रेक्टर के अंजन पे बैठे थे नोटों की माला डाल रखी थी, रमलू ट्रेक्टर चलावे था,४० पहलवान ट्रेक्टर के चारों तरफ मोटर सायकिलों पे पीछे ट्रेक्टर,जिप ,ऊंट गाड़ी, जुगाड़ सारी सवारी ही चल रही थी,अपणे ताऊ का टौर ही कुछ ओर सै, ताऊ की रेली में किसान जवान मजदूर रिटायर फौजी सारे ही आ लिए, आगे -आगे "खड़ी चोट बेन्ड पार्टी" का बेन्ड बाजण लगा रह्या है, छोरे भी अपना डी.जे. लेके आ गये,"गाना बजा राख्या है दीवाना राधे का" जोर दार डांस हो रहया है, ताऊ की चारों तरफ रोनक -रोनक, सहर के सरे नागरिकों से ताऊ हाथ जोड़ के राम-राम कर रह्या सै,ताई भी घूँघट में से हाथ निकल के हिला रही सै जणू इब्बे इटली ते ही आई सै, ताऊ का जलुश मिनी सचिवालय पहुँच गया, सिर्फ १० आदमियों ने ही फार्म भरण वाली जगह में जाणे की इजाजत सै,अपणे परधान परमानन्द जी पहले ही पहुच गए थे, ताऊ को फारम भरवाना था, निर्वाचन अधिकारी के सामने ताऊ नै पर्चे पे दस्खत करे, अधिकारी ने पूछ्या-ताऊ इलेक्शन लड़ रहे हो, म्हारे ताऊ का भी दिमाग घूम गया वो बोल्या-"जब मै पर्चा दाखिल कर रह्या सूं,तो इलेक्शन तो लडूंगा ही,नहीं तो या सारी बारात तेरी भुवा नै ब्याहण नै ले के आया सूं," वो बेचारा जवाब सुण के चुप हो गया, ताऊ का पर्चा दाखिल हो गया, बड़ी धूम-धाम सै,सारे पतरकार ताऊ के पीछे कैमरे लेके पड़ गए,बोल्ले ताऊ एकाध बाईट तो दे दे, ताऊ बोल्या " बाईट यूँ सड़क पे नहीं मिल्या करती" कल सारे म्हारे चौपाल पे आओ तो वही पतरकार सम्मलेन होगा खुली चौपाल में," आपको मेरा न्योता है, खाने पीने का पूरा इंतजाम रहेगा,यो कह के ताऊ नै सबसे बिदा ली ओर आगली तैयारी के लिए अपनी मण्डली को लेके गावं नै चल दिए.

मित्रों ताऊ की चौपाल में कल पतरकार वार्ता है, ताऊ रिटायर फौजी हवालदार मनफूल सिंग की आपने भी आना है, सबने ताऊ का निमंत्रण सै,जिसने ताऊ कहनी भूल गए उसने मै कह रह्या सूं,जरुर -जरुर आणा,



आपका 
रमलू लुहार 


(फोटो गूगल से साभार)

रविवार, 13 सितंबर 2009

आज ताऊ की आंट कोण आया देखो?????????

ताऊ आज तावला-तावला बस अड्डे से आण लग रह्या था में भी कुछ पड़चुनी का सामन लें जा रह्या था."ताऊ राम-राम कहाँ भाज्या जा रह्या सै तावला-तावला?"
ताऊ बोल्या "अरे जा नही रहा रह्या हूँ."ससुरा गया था. तेरी ताई नै घी जोड़ राख्या था.उसके भतीजे का ब्याह सै दीवाली पीछे.कई दिन ते कह रही थी ,सोच्या के आज उसकी भी शिकायत दूर कर दयूं
मै बोल्या ताऊ जल्दी जा तेरी मण्डली पोली के आगे तैयार बैठी सै.हुक्का राख्या सै, और रामधन चिलम सिल्गान गया था ,जाते ही गरम -गरम मिलेगीसामान लेके मैं भी पहुँच रह्या सूं।

ताऊ गया अपने ठिकाने पे, मण्डली जमी हुई थीहुक्का तैयार था ,गाम के सारे बिगडे हुए ,घर से काढे हुए बुड्ढे मौजूद थे, ताऊ का ही इंतजार हो रह्या था, ताऊ तो म्हारे गाम की रौनक सै,
ताऊ के पहुचते ही सारे बोले "ताऊ राम-राम.कित हो आया?
ताऊ बोल्या ससुराल गया था ,घी पहुचाने,तम बताओ के चल रहया सै,
बनवारी बोल्या हम तो ताऊ तेरी ही बाट देखे थे ,कल का किस्सा फोज आला आगे भी सुनना सै,
वाह रे भाई !!! आगे की सुण ल्यो,
लडाई का टाइम था म्हारी कानबाई (गाड़ियों का काफिला) जम्मू ते श्रीनगर जावे था ,रस्ते में ब्रेक हुआ हम सब खाना खाने बैठे ,खाना खाने के बाद चलन लगे तो,म्हारी गाडी स्टार्ट ही नहीं हुई,पुराना ज़माना था ,गाडियाँ भी इसी थी के ठण्ड के मारे डीजल भी जम जाया करता.
हमारे सूबेदार साहब बोले "हवलदार मनफूल सिंग ! गाडी स्टार्ट क्यों नहीं हो रही हैं?
पता नहीं साब के बिगड़ गया? जोंगा जीप थी,
चलो बोनट खोलो हम देखते हैं.
मेने बोनट खोल्या ,सूबेदार ने मरमम्त का काम चालू कराया.पंप का आइल काला था वो साब के सारे कपडों में लग गया.खैर गाडी तो चालू होयगी.साब बोले मेरी दूसरी वर्दी लाओ, और इसको साफ़ करवा देना , जी साब .
वो वर्दी मेने डांगरी को दे दी.उसने मेरे ते पूछ्या साब "इसमें तो काला आइल ज्यादा लग साबुन से तो साफ़ होगी नहीं(उस ज़माने में कोण सा सुपररीन ,सर्फ़ एक्सेल मिल्या करता), वो डांगरी भी सुसरा बावली बूच था .सुसरा आधा पागल .
मेने उसते क्या "म्हारे पास पेट्रोल घणा ही तो एक काम कर इसे पेट्रोल से साफ़ कर ले."
वो गया और शेर के बच्चे ने पेट्रोल का जरीकेन निकाल के उसमे सारी वर्दी हैट सब डबो के धो दिए ,
उसमे से बाद में पेट्रोल नहीं निकला तो ,मेरे धोरे आया
और बोल्या साब "वर्दी तो धो दी पण उसका पेट्रोल नहीं निकल रहा हैं.
मन्ने सोच्या मन ही मन के इब साला आंट में आया सै १५ अगस्त आले दिन साले ने मेरी वर्दी ऐसी धोई थी के सी.ओ.साब नै परेड ग्राउंड मै ही सबके सामने मेरी परेड ले ली.आज इसका भी नंबर सै ,
मै बोल्या "अरे छीतरिया तू रह गया न मुर्ख का मुर्ख". एक काम कर,माचिस सै तेरे धोरे?
वो बोल्या -हाँ साब
मै बोल्या -तू नु कर उस पत्थर पे इस वर्दी नै धर के आग लगा दे ,पेट्रोल -पेट्रोल जल जा गा. और वर्दी मेसे पेट्रोल भी निकल जा गा ,सूबेदार साब भी तन्ने शाबासी देगा.
आगे के होया आप खुद समझदार हो,वो भी सुण ल्यो
सूबेदार साब नै उसको साबासी दी और इनाम में एक हफ्ते २ घंटे की पिट्टू परेड कराई ,इसके बाद एक हफ्ते के क्वाटरगार्ड ड्यूटी भी लगाई ,तो भाई फौज के तो ये मजे थे ,पहले के आदमी भोले भी थे.बात मान भी जाया करते.
चालो भाई दिया बत्ती का टाइम हो रह्या सै, थारी ताई भी बाट देखती होगी के मेरे पीहर गया था के सामाचार लाया, बाकी कल देखेंगे, अरे भाई काल तो मन्ने भिवानी जाना सै.सांझ नै मिलेंगे.अरे बनवारी यो हुक्के की के तम्बाखू लाया सै, कल थोडी झटके वाली लाइए ,यो ओडर देके ताऊ हुक्के का एक दम मार के घर नै चाल पड़ा .
भाई आपने यो म्हारा फौजी ताऊ कैसा लाग्या,एक चटका लगा के अपनी उपस्थिति दर्ज कराओ
और भाई एक बात बताऊँ "यो उड़न तस्तरी आराम कब करे सै इसका पता लगे तो मन्ने जरुर बतइयो,मन्ने तो लगे सै इसने कई डरैवर राख रक्खे सै जब ही रात-दिन हांडती फिरे सै,क्यूँ के ताऊ धोरे भी आवेसै रात नै."

आपका
रमलू लुहार


(फोटो गूगल से साभार )

 

फ़ौजी ताऊ की फ़ौज